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Saturday, July 7, 2012

कविता: पेड़ और धर्म


 चित्र गूगल बाबा से साभार  

बस्ती के हर आँगन में 
पेड़ हो बड़ा 
खूब हो घना
खुशबूदार फूल हों 
फल  मीठे-आते  हों  लदकर.

छाँव उसकी बड़ी दूर तक जाए 
खुशबू की कहानियाँ हों घर-घर

हवा के झोंके में
झरते रहें फल
उठाते-खाते गुजरते रहें राहगीर 

ऐसा एक पेड़
बस्ती के हर आँगन में 
लगाना ही होगा

लोग
भूल गए हैं -धर्म
पेड़ों को बताना ही होगा.


लेखक- श्री सुरेश यादव
संपर्क- 09717750218