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Tuesday, September 4, 2012

नरेंद्र मोदी का पहला शुद्ध वक्तव्य


    गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का पहला शुद्ध वक्तव्य पढ़कर आपका दिमाग ठीक हो सकता है. इसे पूरा पढ़ें और इसे मजाक न समझें...

आज मैं आपको वो जानकारी देना चाहता हूँ, जो हमने नरेन्द्र बाबू को एक पत्र 8 मई 2012 को लिखा था और पूछा गया था कि आपकी गौ रक्षा योजना में क्या राय है ?

ये जवाब 1/9/2012 को अपने लिखित स्टेटमेंट में नरेन्द्र मोदी जी ने हमें दिया है. अगर आप इस स्टेटमेंट से सहमत है तो अपना विचार अवश्य देने की कृपा करें. हालाँकि कई लोग कहेंगे कि यह मनगणत कहानी है. यदि यकीन न हो तो आप मोदी जी द्वारा लिखी कृषि योजना (2005से 2020) नाम की पुस्तक में देख सकते हैं.

मोदी जी गाय का वध करने के सख्त विरोधी हैं और वह सोलर ऊर्जा द्वारा उत्पन्न विद्युत (बिजली) के दीवाने हैं, लेकिन मत्स्य उद्योग को बढ़ावा देकर गाय की हत्या रोकने का दूरदर्शी योजना आपको मोदी का कायल बना देगी. देखिये कैसे?

१. मोदी समुद्र में मछली पकडने वालों को सब्सिडी देते है जिससे कि लोग यदि मांसाहार करना भी चाहे तो मछली खाएं, न कि जानवरो और गायों का मांस खाए.

२. किसान अनुपयोगी जानवर"गोशालाओ" को बेचें, न कि कसाई को और गोवधशाला को.

३. गोशाला में इन पशुओ के गोबर से बायो गैस बनाई जाये और बायोगैस संयत्र से निकला उत्तम कम्पोस्ट खाद किसानो को सस्ते दाम में देकर विष मुक्त खेती को बढ़ावा दिया जाये. बायो गैस रिफिलिंग के क्षेत्र में भी बहुत काम किया जाना बाकी है, जिससे पेट्रोल की बचत की जा सके और विदेशी मुद्रा बचाई जा सके.

४. गाँवों में आधुनिक मछली पालन केंद्र बनाये जायें, जिसके लिए सरकार सहायता देगी. इस मछली तालाब का आधा भाग सौर ऊर्जा पैनलो से ढका जाये, जिससे मछलियों को छाँव मिले और पानी जल्दी न सूखे. सोलर बिजली को पास के गाँव को दिया जाये जिससे गाँव खुशहाल हो. मोदी सूर्य ऊर्जा को हर गाँव और हर घर तक पहुँचाने के लिए बहुत बड़ी योजना के समर्थक है, जाहिर है मोदी सौर ऊर्जा के दीवाने हैं जिसमे कोई प्रदुषण नहीं होता, यह फ्री में चलता है और लगभग ४० साल तक चलता है. सौर ऊर्जा गारंटी के साथ साल के ३६५ दिन मिलता रहेगा.

५. तालाब के किनारे आवश्यक रूप से फल देने वाले पेड़ लगाये जाये और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी उद्यान विकसित किया जाये जिससे लोग स्वस्थ रह सकें.

६. सस्ती मछली मिलने से लोग जानवरों का महगा मांस खाने से परहेज करेंगे और बीमार भी नहीं होंगे. मछली खाने से अच्छा स्वास्थ्य भी मिलेगा.

७. मछली पालन और इसके उपयोग से प्रदुषण नहीं होता है मछली के अवशेषों को पशु-पक्षी खाकर वातावरण को साफ़ रखेंगे. जानवरों के वध से पृथ्वी और हवा-पानी प्रदूषित हो जाते हैं जिसका अनुभव हम सबको है.

८. गाँव में तालाब होने से गाँव का माहौल खुशनुमा रहता है और जीव-जंतु,पक्षी व जानवरों को हमेशा पीने का पानी उपलब्ध होगा.

९. आजकल जानवरों के वध सारा जिम्मा मुस्लिम समुदाय के पास है, जिससे लोगो को लगता है मुस्लिम जानवरों को मार रहे हैं,जब की मछली पालने और बेचने का काम गैर मुस्लिम भी करके इस क्षेत्र की आमदनी में अपना हिस्सा सुनिश्चित कर पायेगे, जाहिर है पशु वध बंद होने से मछली-पालन व्यवसाय में बहुत लोगो को रोजगार मिलेगा.

१०. किसानो को अच्छी नस्ल की गाये (जर्सी नहीं ) पालने के लिए सहायता दी जायेगी और भैंस पालन से विमुख किया जायेगा जिससे गो-शाला में भैस न जा पाने से यह कसाई के हाथ न पड़े. यानी भैस् पालन बंद और गो-पालन को बढ़ावा.

११.  गाय पालन का मतलब है, कि स्वस्थ और खुशहाल समाज क्योकि गाय हमें पालती है, न कि हम गाय को पालते हैं. मछली पालन और गोशाला हमारे समाज में सुचिता लाएगी.

१२. मोदी जी गो-हत्या, शराब का उत्पादन व् बिक्री और वेश्यावृत्ति को राष्ट्रीय स्तर पर पाबन्दी लगाने के हामी हैं. भारत में शराब अपराधों की जननी बन चुकी है.


लेखक-  श्री नीरज  तोमर


संपर्क- 09990804520